आत्मविश्वास कैसे बढ़ाएं? Self Confidence बढ़ाने के 20 तरीके

अगर आपमें आत्मविश्वास (self confidence) कम है तो आप कोशिश करने से पहले ही हार मानने लग जाओगे। इतना ही नहीं, आप अनुशासन और आत्मविश्वास के बिना किसी भी काम में सफल नहीं हो पाओगे। इस पोस्ट में हम आत्मविश्वास कैसे बढ़ाएं - आत्मविश्वास बढानें के 20 बढ़िया तरीके जानेंगे।


🔅 आत्मविश्वास (Self Confidence) :-

  आत्मविश्वास से आशय ' स्वंय पर विश्वास एंव नियंत्रण' (Believe in Yourself) से है।हमारे जीवन में आत्मविश्वास का होना उतना ही आवश्यक है जितना किसी फूल में खुशबू (सुगंध) का होना।

" आत्मविश्वास"-self confidence. विश्वास जाग्रत करने से पूर्व सेल्फ अर्थात स्वयं को जानना होगा। मैं एक ,गुण व शक्तियों से संपन्न सत्ता हूँ, पवित्रता शांति प्रेम सुख आनन्द ज्ञान शक्ति से भरपूर एक ऊर्जा का स्रोत हूँ। मास्टर सर्वशक्तिवान आत्मा हूँ, परमात्मा की संतान हूँ।
यह निश्चय गहराई तक चाहिए, sub concious mind तक यह अनुभव होना चाहिए, तब आएगा आत्मविश्वास और वह केवल निरंतर योग अभ्यास व जीवन में मनसा वाचा कर्मणा पवित्रता व संयम से ही संभव हैं।

आत्मविश्वास माना स्वयं पर भरोसा*
अपनी क्षमताओं पर भरोसा**
सदा यही स्मृति रखे यह कार्य संभव हैं- कुछ भी मुश्किल नहीं।सफलता निश्चित है, सफलता मेरा जन्म सिद्ध अधिकार है।

Self-confidence kaise badhaye? aatmwishwas badhane ke 10 tarike in hindi.

🔅  आत्मविश्वास के बगैर हमारी जिंदगी एक जिन्दा लाश के समान हो जाती है।कोई भी व्यक्ति कितना भी प्रतिभाशाली क्यों न हो वह आत्मविश्वास के बिना कुछ नहीं कर सकता।आत्मविश्वास ही सफलता की नींव है, आत्मविश्वास की कमी के कारण व्यक्ति अपने द्वारा किये गए कार्य पर संदेह करता है और नकारात्मक विचारों के जाल में फंस जाता है।आत्मविश्वास उसी व्यक्ति के पास होता है जो स्वंय से संतुष्ट होता है एंव जिसके पास दृड़ निश्चय, मेहनत, लगन, साहस(फीयरलेस), वचनबद्धता (Commitment) आदि संस्कारों की सम्पति होती है।

🔅  जीवन में सफलता हासिल करने के लिये रोजाना एक पदार्थ की आवश्यकता  होती है।वह है-

" *आईसक्रीम*" 🍧🍨🍦
*आ - आत्मविश्वास*
*ई - इच्छाशक्ति*
*स- सकारात्मक द्रष्टीकोण*
*क्रि- क्रियाशीलता*
*म- महत्वाकांक्षा*...

₪  दुनिया में दो तरह के लोग होते हैं। विनर और लूजर...लेकिन जिंदगी हर लूजर को एक मौका जरूर देती है। जिसमें वह विनर बन सकता है।

₪  आत्मविश्वास को पैदा करने की जरुरत होती है।क्रिएटिविटी के साथ-साथ उसे समय- समय पर दिखाया भी जाना चाहिये।जिससे पोसिटिव फीडबैक मिलता है और वही फीडबैक आत्मविश्वास को बरकरार रखता हैं।

₪  दुनिया में कितने हैंडीकैप है जो शरीर साथ न देते हुए भी हिम्मत नहीं हारते क्योंकि उनमे मनोबल, आत्मविश्वास बहुत है।

✾ *I am Unique*
*I don't have the same part*
*As anyone else*
*I have to become*
*Like a💎DIAMOND*- *FLAWLESS*

₪  मनुष्य जीवन में धन, बुद्धि, स्वास्थ्य भौतिक बलों से ही नही बल्कि आत्मबल की भी जरूरत होती है।

₪  अच्छे से अच्छा तैराक बिना आत्मविश्वास के तैर नहीं सकता।यही मनुष्य का मित्र व उसकी बड़ी पूँजी है।शक्तियो को संगठित करके उन्हें एक दिशा में लगाना, चाहे शारीरिक, चाहे मानसिक।तो सफलता उनके हाथ में है।

✾   *डाली पर बैठे हुए परिंदे को पता है कि डाली कमजोर है फिर भी उस डाली पर बैठा है।क्योंकि उसे डाली पर नहीं, अपने पंखो पर भरोसा है*।

✾  *मैदान में हारा हुआ व्यक्ति भी जीत सकता है, लेकिन मन से हारा व्यक्ति कभी जीत नहीं सकता*।

✾   *ये पूरी सृष्टि हमेशा आपके पक्ष में (फेवर में) काम करती है न कि विरोध में, ऐसा सोचोगे तभी आगे बढ़ेंगे*।

✾   " *ग़म एक ऐसा अनुभव है*,
*जो सबके पास है*,
*मगर ज़िन्दगी तो वही जीता है*, *जिसको खुद पर विश्वास है*...."

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 आत्मविश्वास के दुश्मन

🔅  आलस्य

         
            आत्मविश्वास का सबसे बड़ा दुश्मन हमारा आलस्य हैं| अगर हम हर कार्य को करते समय आलसी बने रहेंगे तो हम कभी अपना आत्मविश्वास नहीं बढ़ा पाएंगे।

₪  क्रोध

         
            कहते हैं क्रोध इन्सान की अक्ल को खा जाता हैं। जब किसी व्यक्ति को क्रोध आता हैं तो वह अपने आपे से बाहर हो जाता हैं और अपने कार्य में गलती करने लगता हैं और अपने कार्य को पूर्ण नहीं कर पाता हैं। जिससे उसके आत्मविश्वास में कमी आ जाती हैं।

₪  चिंता 

         
            अगर हम किसी कार्य के पूर्ण होने के बारे में बहुत अधिक चिंता करते हैं तो हम उस कार्य को पूर्ण आत्मविश्वास से नहीं कर पाते हैं।

₪  तनाव

         
            अगर हम हर समय किसी तनाव को झेलते रहते हैं तो हमारा मन नहीं लगता है। और कार्य को पूर्ण करने का कौशल हम खो देते हैं| और बेमन से किया कार्य कभी भी सफल नहीं हो सकता हैं।

₪  इस दुनिया में नामुनकिन कुछ भी नहीं है (नथिंग इज इम्पॉसिबल इन दिस वर्ल्ड)
        आत्मविश्वास का सबसे बड़ा दुश्मन किसी भी कार्य को करने में असफलता होने का डर है एंव डर को हटाना है तो वह कार्य अवश्य करें। जिसमें आपको डर लगता है। डर के आगे जीत है।

*Sunday Motivation:*


*When you are growing, you will be surprised that even strangers will start hating you. When they see your progress all will not be pleased. Including your own people will try to do everything to demoralise you: they will spread negative things about you; they will doubt your abilities; they will ask other negative elements to talk negative about you; they will humiliate you; they will keep imagining your downfall to celebrate the occasion.*

*On the other hand you should not get affected by these people. Instead derive your strength from their constant attack on you. In life it’s these people who will push you to become extraordinary.*

*We ourselves have experienced and are still experiencing this. Funny thing is that whatever little growth or success we have achieved has been mostly been inspired by people who wants to see us fall. The more they try their dirty tricks, the more inspiration we get to reach higher positions in life - so that we can help many.*

*You are also going through similar thing in your life. Don’t let negative people affect you negatively. You should stay strong and always aspire to reach bigger goals - with the purpose of helping others - so that earth has less negative people to burden herself.*

*The moment we all find joy in seeing others grow and prosper, everyone will eventually grow and prosper.*

आज का प्रेरक प्रसंग


           !! बंदर की सीख !!
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बंदरों का सरदार अपने बच्चे के साथ किसी बड़े से पेड़ की डाली पर बैठा हुआ था. बच्चा बोला,” मुझे भूख लगी है, क्या आप मुझे खाने के लिए कुछ पत्तियां दे सकते हैं ?” बन्दर मुस्कुराया, ” मैं दे तो सकता हूँ, पर अच्छा होगा तुम खुद ही अपने लिए पत्तियां तोड़ लो.“ लेकिन मुझे अच्छी पत्तियों की पहचान नहीं है. बच्चा उदास होते हुए बोला।

“तुम्हारे पास एक विकल्प है, ”बन्दर बोला, ” इस पेड़ को देखो, तुम चाहो तो नीचे की डालियों से पुरानी-कड़ी पत्तियां चुन सकते हो या ऊपर की पतली डालियों पर उगी ताज़ी -नरम पत्तियां तोड़ कर खा सकते हो.” बच्चा बोला, ”ये ठीक नहीं है, भला ये अच्छी-अच्छी पत्तियां नीचे क्यों नहीं उग सकतीं, ताकि सभी लोग आसानी से उन्हें खा सकें.?”

“यही तो बात है, अगर वे सबके पहुँच में होतीं तो उनकी उपलब्धता कहाँ हो पाती … उनके बढ़ने से पहले ही उन्हें तोड़ कर खा लिया जाता !”, ” बन्दर ने समझाया. ”लेकिन इन पतली डालियों पर चढ़ना खतरनाक हो सकता है, डाल टूट सकती है, मेरा पाँव फिसल सकता है, मैं नीचे गिर कर चोटिल हो सकता हूँ …”, बच्चे ने अपनी चिंता जताई, बन्दर बोला- “सुनो बेटा, एक बात हमेशा याद रखो, हम अपने दिमाग में खतरे की जो तस्वीर बनाते हैं अक्सर खतरा उससे कहीं कम होता है।

“पर ऐसा है तो हर एक बन्दर उन डालियों से ताज़ी पत्तियां तोड़कर क्यों नहीं खाता ?” बच्चे ने पुछा. बन्दर कुछ सोच कर बोला ” क्योंकि, ज्यादातर बंदरों को डर कर जीने की आदत पड़ चुकी होती है, वे सड़ी -गली पत्तियां खाकर उसकी शिकायत करना पसंद करते हैं पर कभी खतरा उठा कर वो पाने की कोशिश नहीं करते जो वो सचमुच पाना चाहते हैं …. पर तुम ऐसा मत करना।

ये जंगल तमाम सम्भावनाओं से भरा हुआ है, अपने डर को जीतो और जाओ ऐसी ज़िन्दगी जियो जो तुम सचमुच जीना चाहते हो !” बच्चा समझ चुका था कि उसे क्या करना है , उसने तुरंत ही अपने डर को पीछे छोड़ा और ताज़ी- नरम पत्तियों से अपनी भूख मिटाई।


शिक्षा:-
Friends, अगर हम अपनी Life में झांकें तो हमें भी पता चल जायेगा कि हम कैसी पत्तियां खा रहे हैं …. सड़ी-गली या नई-ताजा … हमें भी इस बात को समझना होगा की हम अपने दिमाग में खतरे की जो तस्वीर बनाते हैं अक्सर खतरा उससे कहीं कम होता है … आप ही सोचिये खुद खतरे को बहुत बड़ा बना; डर कर बैठे रहना कहाँ की समझदारी है ? अगर आपके कुछ सपने हैं , कुछ ऐसा है जो आप Really करना चाहते हैं तो उसे ज़रूर करिये … आपकी हिम्मत ही आपको अपनी मनचाही ज़िन्दगी दे सकती है , डर कर बैठे रहना नहीं ।।